सावन मास के दूसरे सोमवार को देशभर के शिव मंदिरों में हर हर महादेव के गूंज सुनाई दी। रात से शिव मंदिरों में भक्तों की लंबी कतारे लगी रहीं। मध्य प्रदेश के उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के पट रात 2.30 बजे खोले गए।
सावन मास में शिवाभिषेक (रुद्राभिषेक) का अत्यधिक महत्व है। जानें क्यों यह भगवान शिव को अत्यंत प्रिय है और कैसे इससे आपकी मनोकामनाएं पूरी होती हैं।
सावन मास की शुरुआत होते ही देशभर के शिव मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। सावन माह के पहले सोमवार को मध्यप्रदेश के उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर, काशी विश्वनाथ मंदिर (वाराणसी), मुंबई, मेरठ और देहरादून सहित कई शहरों में श्रद्धालुओं की लंबी लाइनें लगी रहीं। भक्त भोलेनाथ के दर्शन और जलाभिषेक के लिए सुबह से ही कतार में लग गए थे।
सावन महीने में भोपाल और उज्जैन के बीच आज (10 जुलाई 2025) से एक स्पेशल ट्रेन की शुरु की है, जो 31 अगस्त तक चलेगी।
सावन मास के आध्यात्मिक और प्राकृतिक महत्व को जानें। यह महीना कैसे प्रकृति को सजाता है और भगवान शिव की भक्ति का प्रतीक है? सावन सोमवार, कावड़ यात्रा और अन्य परंपराओं के बारे में विस्तार से पढ़ें।


















